पीएचडी रिजल्ट में ‘अपात्रों’ कों भी दे डाले नंबर
तय समय पर रिजल्ट भी नहीं
लखनऊ विश्वविद्यालय (लविवि) में पीएचडी प्रवेश का परिणाम
विभागों द्वारा अपात्र अभ्यर्थियों को भी नंबर दिए जाने के कारण फंस गया
है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा
(नेट) पास करने वाले अभ्यर्थियों को भी इंटरव्यू में 20-20 अंक दे दिए गए।
नियम के अनुसार यूजीसी की जूनियर रिसर्च फैलोशिप (जेआरएफ) पास अभ्यर्थियों व
ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें फैलोशिप मिलती है उन्हें ही 20 अंक दिए जाने का
प्रावधान है। लविवि के नए बने पीएचडी आर्डिनेंस 2016 के नियमों के अनुसार
विभागों ने गड़बड़ी की है। ऐसे में 26 दिसंबर को घोषित होने वाला पीएचडी
प्रवेश परीक्षा अभी लटका हुआ है। प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्र कहते हैं
कि पीएचडी प्रवेश परिणाम अब इस हफ्ते के अंत तक घोषित हो पाएंगे।
इस तरह
होना था मूल्यांकन लविवि की पीएचडी अर्हता परीक्षा से नेट, जेआरएफ व अन्य
फैलोशिप पाने वाले विद्यार्थियों को छूट दी। अर्हता परीक्षा के बाद
साक्षात्कार में 20 अंक का रिसर्च प्रपोजल, 20 अंक पावर का प्वाइंट
प्रेजेंटेशन और 20 अंक का पर्सनल इंटरव्यू के थे। 20 अंक स्नातक व
परास्नातक के अंकों के थे और इसके बाद 20 अंक उन्हें देने थे जो यूजीसी की
जेआरएफ, सीएसआइआर की जेआएफ, इंस्पायर व अन्य फैलोशिप पाते हैं। यहां पर
विभागों ने इनके साथ-साथ नेट पास अभ्यर्थियों को भी 20 अंक दे दिए, जिससे
रिजल्ट गड़बड़ हो गया।
लखनऊ विश्व विद्यालय व डिग्री कॉलेजों में
पीएचडी की 574 सीटों के लिए आयोजित हुई अर्हता परीक्षा की ओवरआल मेरिट
लिस्ट 30 नवंबर को घोषित कर दी गई थी और दो दिसंबर को इंटरव्यू के लिए सफल
अभ्यर्थियों की लिस्ट भी जारी हो गई थी। इसके बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया
पूरी कर 26 दिसंबर को रिजल्ट घोषित होना था, लेकिन तब तक आठ विभाग रिजल्ट
बनाकर ही नहीं भेज पाए थे। तय समय से एक हफ्ता बीत चुका है अभी इस हफ्ते के
अंत तक रिजल्ट निकालने की तैयारी हो रही है।
News Source-Dainik Jagran

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