बस्ती : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण सिंह गुट ) के
मंडलीय मंत्री संजय द्विवेदी ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है। पत्र में
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर तैनात अनुपस्थित कर्मचारियों के
विरुद्ध प्रस्तावित कार्रवाई को मानवीय आधार पर वापस लेने और चुनाव ड्यूटी
से लौटकर कोविड-19 पाजिटिव होने के उपरांत मृतक शिक्षकों के आश्रित परिजनों
को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग किया।
साथ ही गुरुवार को संघ की वर्चुअल बैठक में द्विवेदी ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रशिक्षण, मतदान व मतगणना के दौरान
सैकड़ों
की संख्या में शिक्षक कोरोना वायरस से ग्रसित हो गए हैं। इसके बावजूद
शिक्षकों ने राजकीय निर्देशों का पालन करते हुए ड्यूटी किया, फिर भी ऐसे कई
शिक्षक कर्मचारी परिस्थितिजन्य घटनाओं के कारण चुनाव ड्यूटी के दायित्व का
निर्वहन नहीं कर पाए।
कई शिक्षक या तो स्वयं
कोरोना पाजिटिव थे, या फिर उनके परिवार कोरोना से संक्रमित रहे, जिसके कारण
चुनाव ड्यूटी के दायित्व का निर्वहन नहीं कर पाए, ऐसे में उन्हें
अनुपस्थित मानकर एफआईआर करना, वेतन रोकना व अन्य प्रकार से दंडात्मक
कार्रवाई करना उचित नहीं है।
कहा
कि प्रदेश में प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत एक हजार अधिक
शिक्षक चुनाव ड्यूटी के उपरांत कोरोना संक्रमित हो गए जिससे उनकी मौत हो
गई। ऐसे प्रत्येक परिवार के आश्रित स्वजन को एक करोड़ रुपये की आर्थिक
सहायता आश्रित को नौकरी दिया जाना नितांत जरूरी है।
व
मारकंडेय
सिंह, अजय प्रताप सिंह, अरुण कुमार मिश्रा, जय प्रकाश मिश्रा, गिरजानंद
यादव, मोहिबुल्लाह खान, विजय यादव, महेश राम, विंध्याचल सिंह, गुलाब चन्द्र
मौर्या, विनोद चौरसिया, गोपाल जी सिंह, विनोद उपाध्याय, अरशद जलाल, कमर
आलम, मंतोष कुमार मौर्या, अनिल कुमार, भूपेंद्र कुमार मौजूद रहे।

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