प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। अभिलेख सत्यापन के बाद संबंधित बीआरसी में फाइलें व शपथपत्र जमा करने के बाद भी बड़ी संख्या में नवनियुक्त शिक्षक वेतन मिलने की राह देख रहे हैं। किसी को एनपीएस फार्म न भरने की वजह से तो किसी को अन्य कमियां बताकर वेतन नहीं लगाया जा रहा है। नियुक्ति के सात माह हो चुके हैं, फिर भी अधिकांश शिक्षक परेशान हैं।
शासन
से नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन जारी करने का आदेश हो चुका है, फिर भी पूरे
प्रदेश में हीलाहवाली हो रही है। 69,000 शिक्षक भर्ती दो चरणों में हुई
थी। पहली बार 31,277 पदों के लिए नियुक्ति 19 अक्टूबर, 2020 को हुई। दूसरी
बार 36,590 की नियुक्ति पांच दिसंबर, 2020 को। इन शिक्षकों का लंबे समय बाद
भी विश्वविद्यालयों व यूपी बोर्ड आदि से अभिलेख सत्यापन नहीं हुआ है। इतना
ही नहीं जिनका वेरीफिकेशन आ गया है उनमें से बहुत से शिक्षकों का वेतन
आदेश जारी नहीं हो रहा है।
सात माह से वेतन न
मिलने से कोरोना काल में शिक्षकों को जीवन यापन में परेशानी हो रही है। इस
समय विश्वविद्यालय भी बंद हैं जिससे प्रपत्रों के सत्यापन में समय लग रहा
है। ये कार्य कब तक हो पाएगा, असमंजस की स्थिति बनी है। गैर जिलों में
तैनात शिक्षकों के सामने समस्या विकट है। शिक्षक निरंजन सिंह का कहना है कि
शासन दो सत्यापन पर वेतन निर्गत का आदेश जारी करे। अभिषेक श्रीवास्तव का
कहना है कि यह समस्या कुछ जिलों की नहीं, बल्कि अधिकांश का यही हाल है।

0 comments:
Post a Comment