ललितपुर परिषदीय विद्यालयों में अनुपस्थिति के नाम पर हो रहे खेल की निगरानी अब खुद जिलाधिकारी करेंगे और विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति के मामले में स्पष्टीकरण भी लिया जाएगा। इससे विद्यालयों में शिक्षकों के अनुपस्थिति होने पर शिक्षा विभाग में फैले भ्रष्टाचार भी कम हो सकेगा।
परिषदीय
विद्यालयों में आए दिन शिक्षा अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में पहुंचकर
निरीक्षण किया जाता है और शिक्षक शिक्षिकाओं के पंद्रह मिनट से आधा घंटा भी
लेट होने की स्थिति में उन्हें उस दिन अनुपस्थित मानकर उनका वेतन अवरुद्ध
करना, वेतन काटने जैसी कार्रवाई भी की जाती है। लेकिन इस बार फिर से
शिक्षकों के विद्यालय में उपस्थिति को लेकर एक नया आदेश जारी किया गया है,
जिसके साथ प्रत्येक विकास खंड में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, इचार्ज
प्रधानाध्यापक द्वारा समस्त विद्यालय के
स्टाफ को
उपस्थिति रजिस्टर को फोटो खींचकर सुबह 7.50 बजे तक एप ग्रुप में डालने के
निर्देश दिए हैं। ऐसे जहां शिक्षक-शिक्षिकाओं में जहां हादसएप ग्रुप पर
उपस्थिति का विरोध किया जा रहा है और इससे उन कुछ मिनट बाद भी स्कूल
पहुंचने पर कार्रवाई का भय बना हुआ है वहीं जिलाधिकारी ने इस मामले में खुद
कमान संभाल ली है। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से उक्त व्हाट्सएप
ग्रुप पर मंगाई जाने वाली उपस्थिति तन तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं,
जिससे वह खुद शिक्षकों की उपस्थिति की मॉनीटरिंग करेंगे और ठोस कारण से लेट
होने के मामले में स्पष्टीकरण के बाद ही कोई निर्णय करेंगे। जिलाधिकारी
आलोक सिंह ने कहा कि विद्यालयों में समय से पहुंचने की आदत बनानी होगी,
लेकिन यदि कोई शिक्षक-शिक्षिकाएं किन्ही ठोस वजह से लेट हो जाते हैं तो
इसकी जांच कराई जाएगी।
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