प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने का आदेश हो गया है। हाईकोर्ट
ने 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती मामले में इलाहाबाद व बलिया में रिक्त
रह गए पदों पर नियुक्ति का आदेश बेसिक शिक्षा विभाग को दिया है। इन जिलों
में नियुक्ति प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इसके बाद भी कई पद शेष बचे हैं,
जिन पर नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं।1इलाहाबाद से अनिल कुमार सोनकर व अन्य
तथा बलिया से विजयपाल व अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की
थी। न्यायमूर्ति एमके गुप्ता ने सुनवाई की। याचीगण के अधिवक्ता सीमांत
सिंह ने बताया कि भर्ती के लिए 16 जून, 2016 को शासनादेश जारी किया गया था।
इसके तहत इलाहाबाद को 224 पद दिए गए थे। सभी चरणों की काउंसिलिंग के बाद
अनुसूचित जनजाति कोटे के चार पद एवं एक्स सर्विसमैन के छह पद रिक्त थे। छह
पद ऐसे थे जिन पर शिक्षामित्रों को नियुक्ति मिली थी, लेकिन उन्हें पहले ही
राज्य सरकार सहायक अध्यापक के पद पर मौलिक नियुक्ति दे चुकी है। लिहाजा इन
छह पदों पर भी किसी ने ज्वाइन नहीं किया। इस तरह से कुल 16 पद रिक्त हैं।
याचीगण का कहना है कि एसटी की रिक्त सीटों पर नियमानुसार एससी अभ्यर्थियों
को नियुक्ति दी जाए। इसी प्रकार से बलिया में काउंसिलिंग के बाद
शिक्षामित्रों के 35 पद रिक्त हुए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि
रिक्त रह गए पदों को उनके आरक्षित वर्गो के हिसाब से भरा जाए।विधि
संवाददाता, इलाहाबाद : प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने का आदेश
हो गया है। हाईकोर्ट ने 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती मामले में
इलाहाबाद व बलिया में रिक्त रह गए पदों पर नियुक्ति का आदेश बेसिक शिक्षा
विभाग को दिया है। इन जिलों में नियुक्ति प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है।
इसके बाद भी कई पद शेष बचे हैं, जिन पर नियुक्तियां नहीं हो सकी
हैं।1इलाहाबाद से अनिल कुमार सोनकर व अन्य तथा बलिया से विजयपाल व अन्य
अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति एमके गुप्ता
ने सुनवाई की। याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि भर्ती के लिए 16
जून, 2016 को शासनादेश जारी किया गया था। इसके तहत इलाहाबाद को 224 पद दिए
गए थे। सभी चरणों की काउंसिलिंग के बाद अनुसूचित जनजाति कोटे के चार पद
एवं एक्स सर्विसमैन के छह पद रिक्त थे। छह पद ऐसे थे जिन पर शिक्षामित्रों
को नियुक्ति मिली थी, लेकिन उन्हें पहले ही राज्य सरकार सहायक अध्यापक के
पद पर मौलिक नियुक्ति दे चुकी है। लिहाजा इन छह पदों पर भी किसी ने ज्वाइन
नहीं किया। इस तरह से कुल 16 पद रिक्त हैं। याचीगण का कहना है कि एसटी की
रिक्त सीटों पर नियमानुसार एससी अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। इसी
प्रकार से बलिया में काउंसिलिंग के बाद शिक्षामित्रों के 35 पद रिक्त हुए
हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिक्त रह गए पदों को उनके आरक्षित
वर्गो के हिसाब से भरा जाए। jagran
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योग्य अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति - हाईकोर्ट
05 February, 2017
योग्य अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति - हाईकोर्ट
प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने का आदेश हो गया है। हाईकोर्ट
ने 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती मामले में इलाहाबाद व बलिया में रिक्त
रह गए पदों पर नियुक्ति का आदेश बेसिक शिक्षा विभाग को दिया है। इन जिलों
में नियुक्ति प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इसके बाद भी कई पद शेष बचे हैं,
जिन पर नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं।1इलाहाबाद से अनिल कुमार सोनकर व अन्य
तथा बलिया से विजयपाल व अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की
थी। न्यायमूर्ति एमके गुप्ता ने सुनवाई की। याचीगण के अधिवक्ता सीमांत
सिंह ने बताया कि भर्ती के लिए 16 जून, 2016 को शासनादेश जारी किया गया था।
इसके तहत इलाहाबाद को 224 पद दिए गए थे। सभी चरणों की काउंसिलिंग के बाद
अनुसूचित जनजाति कोटे के चार पद एवं एक्स सर्विसमैन के छह पद रिक्त थे। छह
पद ऐसे थे जिन पर शिक्षामित्रों को नियुक्ति मिली थी, लेकिन उन्हें पहले ही
राज्य सरकार सहायक अध्यापक के पद पर मौलिक नियुक्ति दे चुकी है। लिहाजा इन
छह पदों पर भी किसी ने ज्वाइन नहीं किया। इस तरह से कुल 16 पद रिक्त हैं।
याचीगण का कहना है कि एसटी की रिक्त सीटों पर नियमानुसार एससी अभ्यर्थियों
को नियुक्ति दी जाए। इसी प्रकार से बलिया में काउंसिलिंग के बाद
शिक्षामित्रों के 35 पद रिक्त हुए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि
रिक्त रह गए पदों को उनके आरक्षित वर्गो के हिसाब से भरा जाए।विधि
संवाददाता, इलाहाबाद : प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने का आदेश
हो गया है। हाईकोर्ट ने 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती मामले में
इलाहाबाद व बलिया में रिक्त रह गए पदों पर नियुक्ति का आदेश बेसिक शिक्षा
विभाग को दिया है। इन जिलों में नियुक्ति प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है।
इसके बाद भी कई पद शेष बचे हैं, जिन पर नियुक्तियां नहीं हो सकी
हैं।1इलाहाबाद से अनिल कुमार सोनकर व अन्य तथा बलिया से विजयपाल व अन्य
अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति एमके गुप्ता
ने सुनवाई की। याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि भर्ती के लिए 16
जून, 2016 को शासनादेश जारी किया गया था। इसके तहत इलाहाबाद को 224 पद दिए
गए थे। सभी चरणों की काउंसिलिंग के बाद अनुसूचित जनजाति कोटे के चार पद
एवं एक्स सर्विसमैन के छह पद रिक्त थे। छह पद ऐसे थे जिन पर शिक्षामित्रों
को नियुक्ति मिली थी, लेकिन उन्हें पहले ही राज्य सरकार सहायक अध्यापक के
पद पर मौलिक नियुक्ति दे चुकी है। लिहाजा इन छह पदों पर भी किसी ने ज्वाइन
नहीं किया। इस तरह से कुल 16 पद रिक्त हैं। याचीगण का कहना है कि एसटी की
रिक्त सीटों पर नियमानुसार एससी अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। इसी
प्रकार से बलिया में काउंसिलिंग के बाद शिक्षामित्रों के 35 पद रिक्त हुए
हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिक्त रह गए पदों को उनके आरक्षित
वर्गो के हिसाब से भरा जाए। jagran
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