06 February, 2017

पीएचडी में नेट-जेआरएफ वाले बाहर, साधारण पीजी को दाखिला Irregularity In Phd Admission In Lucknow University

पीएचडी में नेट-जेआरएफ वाले बाहर, साधारण पीजी को दाखिला

 अर्थशास्त्र विभाग में इस साल पीएचडी की तीन सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन मांगे गए थे। एंट्रेंस के बाद 18 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई हुए। 18 में से 11 अभ्यर्थी नेट-जेआरएफ थे। इसके बावजूद अंतिम रूप से जो तीन अभ्यर्थी चुने गए वे सभी साधारण परास्नातक हैं।

 एलयू के सोशल वर्क विभाग में पीएचडी की 12 सीटों के लिए 44 नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। विवि ने ऑर्डिनेंस के हिसाब से इन्हें प्रवेश परीक्षा से छूट दे दी। 19 अभ्यर्थियों ने एंट्रेंस में सफल होकर इंटरव्यू में भाग लिया। सफल अभ्यर्थी की सूची में नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों को निराशा हाथ लगी और तीन अभ्यर्थी साधारण परास्नातक होने के बावजूद दाखिला पा गए।

 वीमन स्टडीज विभाग में पीएचडी के लिए चार सीटों पर आवेदन मांगे गए थे। साक्षात्कार के लिए चुने गए आठ अभ्यर्थियों में से पांच नेट या जेआरएफ उत्तीर्ण थे। इसके बावजूद पांच में से चार अभ्यर्थी विवि की साक्षात्कार प्रक्रिया पास करने में असफल रहे। दाखिले के लिए चुने गए चार में से केवल एक नेट-जेआरएफ अभ्यर्थी ही सफल हुआ, बाकी तीन अभ्यर्थी साधारण परास्नातक हैं।

 एनवायरमेंटल साइंस विभाग में पीएचडी की छह सीटों के लिए 18 अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए सफल हुए थे। इनमें से छह नेट या जेआरएफ और 12 साधारण पीजी पास अभ्यर्थी थे। साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद जो सूची प्रकाशित हुई है उसमें साधारण पीजी पास अभ्यर्थियों की संख्या पांच है। नेट और जेआरएफ पास केवल एक ही अभ्यर्थी को दाखिला मिला है।

कॉमर्स विभाग में इस साल 43 सीटों पर आवेदन मांगे गए थे। इन सीटों पर 104 अभ्यर्थी साक्षात्कार प्रक्रिया में सफल हुए थे। 104 में से 67 अभ्यर्थी नेट या जेआरएफ पास थे। इसके बावजूद दाखिला पाने वाले अभ्यर्थियों की सूची में साधारण पीजी पास अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है। 

क‌िया नया पीएचडी ऑर्डिनेंस तैयार

 एलयू के 43 विभागों में से ज्यादातर का यही हाल है। राष्ट्रीय स्तर की नेट और जेआरएफ जैसी परीक्षा करने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों को विवि ने पीएचडी कराने लायक नहीं समझा है।
दूसरी तरफ साधारण पीजी पास करने वाले अभ्यर्थियों को आसानी से दाखिला दे दिया गया है। विवि की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व अन्य छात्र संगठनों ने विवि प्रशासन पर चहेतों को दाखिला देने के लिए पक्षपात का आरोप लगाया था।
पीएचडी रिजल्ट जारी होने के बाद इन आरोपों को और हवा मिल गई है। एलयू में इस साल 43 विभाग की 558 सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस साल विवि ने यूजीसी की गाइडलाइंस केे हिसाब से नया पीएचडी ऑर्डिनेंस तैयार किया है।
इसके हिसाब से एंट्रेंस में 50 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता रखी है। नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों को एंट्रेंस से छूट दी गई है। जेआरएफ अभ्यर्थियोें को थोड़ी राहत देते हुए विवि ने साक्षात्कार के समय 20 अतिरिक्त नंबर देने की व्यवस्था की है।
लेकिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास करने के बावजूद नेट पास अभ्यर्थी को साक्षात्कार के समय सामान्य पीजी छात्र की तरह ही रखा गया। विवि ने प्रवेश परीक्षा के नंबर को पूरी तरह से दरकिनार करके दाखिले की अंतिम मेरिट साक्षात्कार के आधार पर ही तैयार की।
साक्षात्कार प्रक्रिया में जेआरएफ को मिलने वाले नंबर और एकेडमिक्स इंडेक्स को छोड़कर बाकी के 60 नंबर पूरी तरह से इंटरव्यूवर के हाथों में हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि नेट और जेआरएफ के बजाय साधारण पीजी पास अभ्यर्थी दाखिला पाने में सफल रहे।
‘जिन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में मिले नंबर पर आपत्ति है वह विभागाध्यक्ष से संपर्क कर सकते हैं। विभाग स्तर पर सभी नंबर का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है। पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के नंबर विभागीय स्तर पर गठित समिति ने दिए हैं। समिति में बाहर के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। - प्रो. अनिल मिश्रा
प्रवेश समन्वयक, एलयू
News Source-Amar Ujala 

पीएचडी में नेट-जेआरएफ वाले बाहर, साधारण पीजी को दाखिला Irregularity In Phd Admission In Lucknow University Rating: 4.5 Diposkan Oleh: latestuptetnews

0 comments: