18 January, 2014

पूर्णकालिक शिक्षक बनने के लिए विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण की परीक्षा पास कर चुके शिक्षामित्रों को स्थाई नौकरी तो मिलेगी

इलाहाबाद : पूर्णकालिक शिक्षक बनने के लिए विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण की परीक्षा पास कर चुके शिक्षामित्रों को स्थाई नौकरी तो मिलेगी, परंतु कुछ शर्तो पर। सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होने पर ही उन्हें स्थाई शिक्षक बनाने पर विचार कर रही है। टीईटी पास करने के लिए शिक्षामित्रों को कुछ समय मिलेगा। तय समयावधि में टीईटी परीक्षा पास करने के बाद शिक्षामित्रों को स्थाई शिक्षक का नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। परीक्षा पास न करने की स्थिति में नियुक्ति स्थाई नहीं होगी। यह शर्त सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों की भर्ती के लिए राष्ट्रीय अध्यापक परिषद एनसीटीई द्वारा तय मानकों का पालन करने के लिए रखी जा रही है। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एक लाख 72 हजार शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से कुछ बेसिक शिक्षा परिषद तो कुछ सर्व शिक्षा अभियान के तहत भर्ती किए गए थे। शिक्षामित्रों ने पूर्णकालिक शिक्षक बनाने की मांग की तो 23 जुलाई 2012 को कैबिनेट ने घोषणा की कि चरणबद्ध प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद शिक्षामित्रों को शिक्षक बना दिया जाएगा। तीन सत्रों की दूरस्थ विधि से बीटीसी प्रशिक्षण में साठ हजार शिक्षामित्रों के पहले सत्र का प्रशिक्षण इसी जनवरी में समाप्त हुआ है। पूर्णकालिक शिक्षक बनने के लिए प्रशिक्षण व परीक्षा पास कर चुके शिक्षामित्रों को सरकार नौकरी देने की तैयारी कर रही है। लेकिन टीईटी की अनिवार्यता का मामला अभी तक हल नहीं हो पाया है। संभावना है कि शिक्षामित्रों को पांच साल के भीतर टीईटी पास करने की शर्त के साथ नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। दरअसल हरियाणा में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में शिक्षामित्रों को चार साल के भीतर टीईटी पास करने की छूट दी जा रही है। अब शिक्षामित्रों के एक गुट ने टीईटी की अनिवार्यता का विरोध भी शुरू कर दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने राहुल गांधी से मुलाकात कर शिक्षामित्रों को टीईटी से मुक्त किए जाने की मांग की है। संघ के प्रदेश मंत्री अनिल कुमार यादव ने कहा है कि शिक्षा के अधिकार विधेयक 2009 के तहत 23 अगस्त 2010 से पहले तैनात शिक्षकों को टीईटी से छूट का प्रावधान है। इसलिए इस तारीख के पहले तक तैनात किए गए शिक्षामित्रों को टीईटी से छूट मिलनी चाहिए। वहीं संगठन के ही कौशल किशोर सिंह ने जल्द से जल्द समायोजन किए जाने और टीईटी के लिए समय दिए जाने की मांग की है।

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